Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 30 अप्रैल।
किशोरपुरा दरवाजे के पास स्थित प्राचीन नरसिंह मंदिर में नरसिंह प्राकट्य उत्सव अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तड़के सुबह भगवान के भव्य पंचामृत महाअभिषेक के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का दुग्धाभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की गई। मंदिर के पुजारी मयंक शर्मा ने बताया कि जयंती के उपलक्ष्य में भगवान के विशेष मुखौटे के दर्शन कराए गए। यह दर्शन अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं, क्योंकि साल में केवल एक बार नरसिंह जयंती के दिन ही भक्तों को इस दिव्य स्वरूप का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। मुखौटा दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।
इस अवसर पर श्री गिरधर गोपाल राजमल सर्राफ चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेंद्र गोयल ‘विचित्र’ उपस्थित रहे। उनके साथ नरेंद्र गोयल, संजय गोयल, विनय गोयल और विभोर गोयल ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समस्याओं के समाधान के लिए लगी ‘अर्जी’
पुजारी मयंक शर्मा ने जानकारी दी कि 100 से अधिक भक्त अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए लिखित रूप में अपनी अर्जी लेकर मंदिर पहुंचे। इन अर्जियों को भगवान के चरणों में अर्पित कर कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना की गई। इसके साथ ही, मंदिर आने वाले सभी भक्तों को रक्षा सूत्र (मौली) बांधकर उनके सुरक्षित और मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया गया।
छप्पन भोग और भव्य फूल बंगला
इस दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और पूरे मंदिर परिसर को फूल बंगले से सजाया गया। रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों की सजावट ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शाम को मंदिर में भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। जिसमें उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में भगवान नरसिंह की स्तुति की। आरती के पश्चात सभी उपस्थित भक्तों को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया।
