Sanjay kumar, 01 May 2026
ड्यूल कनेक्शन पर सरकार की नजर
देश में ऊर्जा संसाधनों के संतुलित उपयोग और सब्सिडी व्यवस्था को पारदर्शी एवं लक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) दोनों कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती शुरू कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ऐसे घरों की पहचान की जा रही है जिनके पास दोनों प्रकार के गैस कनेक्शन हैं, और उनसे एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानूनी प्रावधान में संशोधन
सरकार द्वारा “लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर, 2000” में संशोधन कर यह स्पष्ट किया गया है कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं के पास पीएनजी सुविधा उपलब्ध है, वे एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। इस आदेश का उद्देश्य ड्यूल कनेक्शन के दुरुपयोग को रोकना तथा सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।
नई आपूर्ति और रिफिल पर प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत तेल कंपनियों और उनके अधिकृत डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें न तो नया एलपीजी कनेक्शन जारी किया जाएगा और न ही उनके सिलेंडर का रिफिल किया जाएगा। यह कदम देश में तेजी से फैल रहे पीएनजी नेटवर्क को बढ़ावा देने के साथ-साथ एलपीजी की उपलब्धता को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है।
अब तक की प्रगति और आंकड़े
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, अब तक 43,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं। हालांकि इसे अभी प्रारंभिक संख्या मानते हुए सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिक लोग नियमों का पालन करेंगे।
आयात निर्भरता और वैश्विक परिस्थितियां
गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है—लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात किया जाता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधाओं के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरकार ने वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह निर्णय लिया है।
औद्योगिक और व्यावसायिक प्रभाव
इसके अतिरिक्त, कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक उपयोगकर्ताओं के लिए गैस आपूर्ति में कटौती की गई है तथा होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक संस्थानों को एलपीजी की आपूर्ति भी सीमित की जा रही है। साथ ही, फिलहाल नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।
संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम
सरकार का यह कदम ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, सब्सिडी के दुरुपयोग पर रोक और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
