कोटा विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री का छात्रों से सीधा संवाद

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 1 मई। राजस्थान के युवाओं को वैश्विक मंच पर सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटा विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान ने बताया कि इस अवसर पर विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान सरकार और इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (EFLU), हैदराबाद के मध्य हुए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में 22 विभागों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता : धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में कौशल आधारित शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम इसी संकल्प की ठोस अभिव्यक्ति है। उन्होंने बताया कि एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र एवं प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करेगा यह एमओयू
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर दक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि EFLU हैदराबाद के साथ हुए इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन, फ्रेंच, कोरियाई, स्पेनिश एवं अंग्रेजी सहित अनेक विदेशी भाषाओं का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल उनके संवाद कौशल में निखार आएगा, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के मार्ग भी प्रशस्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शहरी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य सरकार इसे गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार छात्र भी इस योजना का भरपूर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा, “आज के युग में भाषा कौशल कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।”

‘अवसरों का द्वार’ है यह एमओयू : कुलगुरु प्रो. सारस्वत
कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है; आज बहुभाषीय दक्षता और वैश्विक दृष्टिकोण अत्यावश्यक है। उन्होंने इस MoU को विद्यार्थियों के लिए “अवसरों का द्वार” बताते हुए कहा कि इससे उनके करियर में नई एवं असीमित संभावनाएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने विश्वविद्यालय के समस्त संकाय सदस्यों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में पहले से कौशल विकास केंद्र संचालित है, जो इस कार्यक्रम की नींव को और सुदृढ़ करेगा।

राज्यमंत्री जयंत चौधरी बोले — दूरदर्शिता का परिणाम है यह कार्यक्रम
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का सुफल है, जो राजस्थान के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए सक्षम बनाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई भी उपस्थित रहे।

छात्रों ने पूछे सवाल, मुख्यमंत्री ने दिए संतोषजनक उत्तर
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विदेशी भाषा प्रशिक्षण, पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जुड़े अनेक प्रश्न सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर देते हुए आश्वस्त किया कि यह कार्यक्रम पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित किया जाएगा।

इन गणमान्यों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर नीलू चौहान, स्नातकोत्तर अधिष्ठाता प्रोफेसर घनश्याम शर्मा, फार्मेसी विभाग से डॉ. के. के. शर्मा, डॉ. सरिता सोलंकी तथा विधि विभाग समन्वयक डॉ. प्रियंका सैनी सहित 22 विभागों के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

Pramukh Samvad

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