Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 31 मई। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और अब निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग के हाथ में है।
जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री खर्रा ने कहा कि वार्ड परिसीमन, पुनर्सीमांकन तथा अन्य सभी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार ने अपनी जिम्मेदारियां निभा दी हैं और अब चुनाव कार्यक्रम घोषित करना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक अधिकार है।
मंत्री ने कहा कि आयोग यदि चाहे तो कल ही चुनाव की घोषणा कर सकता है और सरकार उसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय संसाधन और प्रशासनिक अमले सहित हर प्रकार का सहयोग आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा।
खर्रा ने कहा कि सरकार चुनाव टालने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समय पर चुनाव कराना आवश्यक है और सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों एवं पंचायत चुनावों में हुई देरी पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 31 जुलाई तक सभी लंबित चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के इस आदेश के बाद चुनावी तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार परिसीमन की अंतिम रिपोर्ट पहले ही निर्वाचन आयोग को सौंपी जा चुकी है। अब मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
मंत्री खर्रा के ताजा बयान से यह संकेत मिल रहा है कि राज्य सरकार स्थानीय चुनावों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हुई हैं।
