Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 1 जून। सांगोद क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों को शीघ्र ही आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विशेष प्रयासों एवं अनुशंसा पर राज्य सरकार ने सांगोद में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय (पॉलीक्लीनिक) भवन निर्माण के लिए 12,500 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर पालिका सांगोद के प्रस्ताव तथा मुख्य नगर नियोजक की तकनीकी अनुशंसा के आधार पर खसरा संख्या 335/2865 की भूमि में से 12,500 वर्गमीटर क्षेत्र निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है। भूमि पर आवश्यक मार्गाधिकार तथा उच्च विद्युत लाइन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप सेफ्टी कॉरिडोर भी सुनिश्चित किया जाएगा।
गौरतलब है कि सांगोद के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को हाल ही में राज्य सरकार द्वारा क्रमोन्नत किया गया है। इसके बाद अब यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में पशुओं की सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, जटिल शल्य चिकित्सा एवं विशेष उपचार के लिए पशुपालकों को कोटा जाना पड़ता है। नई सुविधा शुरू होने के बाद ये सभी सेवाएं सांगोद में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
प्रस्तावित पॉलीक्लीनिक में पशुओं के उपचार एवं जांच के लिए आधुनिक सोनोग्राफी मशीन, डिजिटल एक्स-रे यूनिट, सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक ऑपरेशन टेबल, मूविंग स्टूल, बड़े एवं छोटे पशुओं के लिए विशेष स्ट्रेचर तथा अन्य उन्नत सर्जिकल एवं डायग्नोस्टिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इसके संचालन के लिए चिकित्सा अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों एवं सहायक स्टाफ के पद भी स्वीकृत किए जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने अस्पताल भवन निर्माण के साथ-साथ आवश्यक फर्नीचर एवं आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए भी वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि अब तक यह बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय मोखापाड़ा (कोटा) से संचालित हो रहा था, लेकिन सांगोद में स्थायी भूमि उपलब्ध होने के बाद यहां एक भव्य एवं सर्वसुविधायुक्त संस्थान विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने से सांगोद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों पशुपालकों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।
