Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 24 जून। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में केईडीएल ठेका श्रमिकों द्वारा बुधवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद प्रबंधन ने श्रमिकों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आश्वासन जारी किया। प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में वेतन भुगतान, शिकायत निवारण और लंबित मांगों के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी।

भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री रवि गौतम के नेतृत्व में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक शामिल हुए। संगठन ने बताया कि 11 जून को प्रबंधन को मांग-पत्र सौंपा गया था, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण श्रमिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन के बाद केईडीएल के जनरल मैनेजर राजेश जैन एवं अधिकारी विमल कुमार के साथ संघ के प्रतिनिधिमंडल की विस्तृत वार्ता हुई। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि सभी ठेका श्रमिकों का वेतन प्रत्येक माह की 7 तारीख तक दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आगामी 10 कार्य दिवस के भीतर संबंधित वेंडर्स की बैठक बुलाकर श्रमिकों की लंबित समस्याओं और मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विमल कुमार को शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
रवि गौतम ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ हमेशा श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। प्रबंधन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए संगठन ने 10 कार्य दिवस का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संगठन को अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।
कार्यक्रम को वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार शर्मा, बृजेशकांत शर्मा, चेतन गौड़ और पी.के. खरे ने भी संबोधित किया तथा श्रमिकों से संगठनात्मक एकता बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर रविंद्र मालव, केईडीएल ठेका श्रमिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र, महामंत्री विष्णु सुमन सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
