Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 23 जून 2026
आज के प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण दौर में जहां युवा एकाग्रता, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहीं राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) परिसर में ब्रह्माकुमारीज़ एवं आरटीयू के संयुक्त प्रयास से विकसित थॉट एंड इनोवेशन सेंटर (थॉट लैब) नई उम्मीद और प्रेरणा का केंद्र बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) के प्रदेश उपाध्यक्ष यतीश व्यास एवं कोटा जिला अध्यक्ष संजय चौबीसा ने थॉट लैब का भ्रमण कर यहां संचालित नवाचारों और वैज्ञानिक गतिविधियों का अवलोकन किया।

विज्ञान और आध्यात्मिकता का प्रभावशाली मेल
थॉट लैब में अतिथियों को सेंटर के वॉलंटियर एवं फैकल्टी बीके प्रदीप ने विभिन्न आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां उपलब्ध तकनीकें विद्यार्थियों की एकाग्रता, मानसिक क्षमता, फोकस, भावनात्मक संतुलन और तनाव प्रबंधन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राजयोग मेडिटेशन और वैज्ञानिक परीक्षणों के संयोजन से अनेक विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन, व्यवहार और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव अनुभव किए हैं।
विचारों की शक्ति को समझाती अनूठी प्रदर्शनी
डॉ. कृष्णा एवं बीके कृति ने थॉट लैब में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनी का अवलोकन करवाते हुए मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, विचारों के प्रभाव, भावनात्मक संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और मेडिटेशन के वैज्ञानिक पहलुओं को विभिन्न मॉडलों एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से समझाया। प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि सकारात्मक विचार व्यक्ति के जीवन, निर्णय क्षमता और सफलता की दिशा को बदल सकते हैं।

बीके कृति नें भ्रमण करने आए जार के पदाधिकारी के साथ सभी आगंतुकों को बोर्ड पर लिखकर समझाया कि नेगेटिव विचारों को मस्तिष्क में से किस तरह से निकाला जा सकता है और सकारात्मक रूप विचार प्राप्त कर आनंद की अनुभूति किस प्रकार प्राप्त करी जा सकती है। बीके कृति नें साथ ही आए सभी मेहमानों को एक छोटा सा मेडिटेशन भी करवाया जिससे वहां उपस्थित सभी को आनंद की अनुभूति प्राप्त हुई।
विद्यार्थियों से समाज तक पहुंच रही सकारात्मक ऊर्जा
थॉट एंड इनोवेशन सेंटर की मुख्य समन्वयक लता गिडवानी ने बताया कि यह केंद्र केवल आरटीयू के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोटा शहर के विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों और आम नागरिकों के लिए भी खुला है। यहां नियमित रूप से व्यक्तित्व विकास, तनाव मुक्ति, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास वृद्धि, ध्यान और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं।


राजयोग मेडिटेशन से जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
सेंटर ऑपरेटर विनोद गोचर ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से लोग मानसिक शांति, आत्मबल, आत्मविश्वास और जीवन में संतुलन का अनुभव कर रहे हैं। ध्यान और आत्मचिंतन की यह प्रक्रिया उन्हें चुनौतियों का सामना करने और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर रही है।
आत्मीय स्वागत ने बढ़ाया अपनापन
भ्रमण के दौरान सेंटर के वॉलंटियर मनोज, विष्णु, नवीन, नितेश, कुणाल एवं अमृता बहन ने तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
युवाओं के भविष्य के लिए प्रेरणादायी पहल
भ्रमण के पश्चात जार प्रदेश उपाध्यक्ष यतीश व्यास एवं कोटा जिला अध्यक्ष संजय चौबीसा ने थॉट लैब की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक विज्ञान और राजयोग मेडिटेशन का यह समन्वय युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव के वर्तमान दौर में ऐसे केंद्र युवाओं को आत्मविश्वासी, एकाग्र, रचनात्मक और सकारात्मक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र द्वारा विकसित नवाचारों, वैज्ञानिक तकनीकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षा जगत एवं समाज के लिए अत्यंत उपयोगी और भविष्यदर्शी बताया।
“जब विचार सकारात्मक होते हैं, तो सफलता स्वयं रास्ता तलाश लेती है” — यही संदेश RTU की थॉट लैब युवाओं तक पहुंचा रही है।
