Written by : प्रमुख संवाद
कोटा,14 अप्रैल।
पंजाबी समाज समिति द्वारा पावन बैसाखी पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एकत्रित होकर इस ऐतिहासिक पर्व के महत्व को स्मरण किया और सांस्कृतिक एकता का परिचय दिया।
समिति के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता प्रवीण गुलाटी ने बताया कि बैसाखी का पर्व केवल फसल कटाई की खुशियों का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि यह सिख इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन भी है। इसी दिन दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने खालसा पंथ की स्थापना कर धर्म, साहस और मानवता की नई दिशा दी थी।
कार्यक्रम में समाज के गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसमें अध्यक्ष कमल अदलखा, विनोद गुलाटी, रामचन्द्र मलिक, वीर वाधवा, महेन्द्र निझावन, ललित अरोड़ा, प्रवेश भूटानी, तरुण कालरा, हरीश कालरा एवं राजेन्द्र बाठला सहित अनेक सदस्य शामिल हुए।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने समाज में एकता, भाईचारे एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ी रहे।
कार्यक्रम का समापन आपसी शुभकामनाओं और सामाजिक सौहार्द के संदेश के साथ हुआ।
